पिछले कुछ सालों से बहुत लोग ऑनलाइन गेम खेलकर पैसा कमा रहे हैं। कुछ ऐप लोगों को लालच दिखाते हैं और लोग अपनी कमाई खो बैठते हैं। इसलिए ऐसे गेम बंद करने के लिए अब एक बिल संसद में पेश किया गया। यह बिल ऑनलाइन गेम और इसके विज्ञापनों पर बैन लगाने के संबंधित है। अगर यह कानून आता है तो आप ऑनलाइन गेम में पैसे की लेन-देन नहीं कर सकते। अगर किसी गेमिंग ऐप द्वारा ऐसा किया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी। इस तरह के गुनाह के लिए जेल तक का प्रावधान रखा गया है। अगर आप इसके बारे में विस्तार में जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो हमारी यह पोस्ट अंत तक जरूर पढ़िए।
बिना रिस्क वाले ऑनलाइन गेम को मिलेगा बढ़ावा
अगर इस बिल के जरिए पैसे लगाने वाले ऑनलाइन गेमिंग ऐप पर बैन लगता है तो बिना रिस्क वाले ऑनलाइन गेम को बढ़ावा मिलेगा। ऑनलाइन गेमिंग ऐप पर बैन लगाने के वजह से लुडो, कैंडी क्रश जैसे गेम को बढ़ावा मिलेगा। इससे भारतीय स्टार्टअप्स को बूस्ट मिलने में मदद होगी। गेमिंग का एक नया मार्केट तैयार होगा।
तीन साल तक जेल का प्रावधान
बिल में यह प्रस्ताव रखा गया है की अगर कानून बनने के बाद कोई इस कानून का उल्लंघन करके मनी गेमिंग सर्विस देता है तो उसे तीन साल तक की जेल या एक करोड़ रुपए तक का जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है अगर कोई व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता है और विज्ञापन देता है तो उसे दो साल तक की जेल और 50 लाख रुपए तक जुर्माना और दोनों का प्रावधान किया हुआ है किसी भी तरह की लेन-देन में शामिल लोगों को सजा दी जाने वाली है। जो लोग बार-बार उल्लंघन करेंगे उन्हें पांच साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
क्या गेम खेलने वाले व्यक्ति को भी माना जाएगा अपराधी
बहुत लोगों के मन में यह सवाल होगा की क्या इस गेम में पैसा लगाने वाले व्यक्ति को भी सजा मिलेगी ? बिल में यह कहा गया है की यह किसी भी ऐसे व्यक्ति को अपराधी नहीं बनाता जो ऑनलाइन गेम खेल रहा है। इस बिल में उन्हें अपराधी की कैटेगरी में नहीं बल्कि पिडितो की कॅटेगरी में रखा गया है। जो लोग ऑनलाइन सट्टेबाजी को बढ़ावा देंगे या फिर इसे करवाएंगे सिर्फ उन्हें ही परेशानी होने वाली है।